आप यहां हैं:

उद्देश्य

उद्देश्‍य

कम्‍पनी के मुख्‍य उद्देश्‍य हैं : –

  • नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और कार्यान्‍वयन के संबंध में एक एकीकृत कार्यक्रम के लिए योजना बनाना और निष्‍पादन करना ।
  • भारत और विदेश में सौर, ऑन-शोर / आफॅ-शोर पवन, भू-तापीय, ज्‍वारीय, जैव-गैस, जैव-भार (बायोमास), लघु हाइड्रो और अन्‍य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की विद्युत परियोजनाओं का स्‍वामित्‍व, प्रबन्‍ध, अनुसंधान, योजना, प्रोन्‍नत, विकास, डिजाइन, निर्माण, परिचालन, रख-रखाव, नवीकरण,   आधुनिकीकरण करना ।
  • भारत और विदेश में विद्युत उत्‍पादों और सेवाओं में उत्‍पादन, पूर्वानुमान, क्रय, उत्‍पाद, निर्माण, आयात, निर्यात, आदान-प्रदान, विक्रय और लेन-देन का व्‍यापार करना ।
  • भारत और विदेश में सौर उद्यानों, अवसंरचना सुविधाओं और सभी संगत सहायक सुविधाओं और सेवाओं की योजना का प्रबन्‍ध, विकास, रख-रखाव करना, पट्टे, किराए पर लेना ।
  • भारत और विदेश में विद्युत परियोजनाओं से सम्‍बंधित योजना, अन्‍वेषण, सर्वेक्षण, अनुसंधान, डिजाइन और प्राथमिक व्‍यवहार्यता और विस्‍तृत परियोजना रिपोर्टें तैयार करने का कार्य करना ।
  • अपनी सहायक और संयुक्‍त उद्यम कम्‍पनियों की गतिविधियों का समन्‍वय करना, उनके आर्थिक और वित्‍तीय उद्देश्‍यों / लक्ष्‍यों का निर्धारण करना और उनको उपलब्‍ध कराए गए सभी संसाधनों के अधिकतम उपयोग प्राप्‍त करने हेतु उनके निष्‍पादन की समीक्षा, नियंत्रण, मार्गदर्शन करना और निर्देश देना ।
  • जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय सौर मिशन और सभी ऐसे अन्‍य कार्यक्रमों या मिशनों के अन्‍तर्गत कार्यक्रमों और परियोजनाओं के निष्‍पादन, तैयारी, प्रबन्‍ध, निरीक्षण और समन्‍वय करने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक मंत्रालय द्वारा जारी निदेशों का अनुपालन, सहायता करना ।
  • वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं और सभी प्रकार के परीक्षणों की स्‍थापना, प्रबन्‍ध, रख-रखाव, संचालन, प्रयोग करना और वाणिज्‍यिकीकरण प्राप्‍त करने के लिए भारत और विदेश में सीधे या अन्‍य एजेन्‍सियों के सहयोग से नए उत्‍पाद, प्रौद्योगिकियों को संसाधित, उन्‍नत, नवीकरण और अन्‍वेषण करना ।
  • भारत और विदेश में निष्‍पादन मानीटरिंग, आंकड़े विश्‍लेषण, संसाधन मूल्‍यांकन, लागत इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी पूर्वानुमान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, कौशल विकास, संवर्धन और जागरुकता अभियान आदि के काम में लगना ।
  • भारत और विदेश में कम्‍पनी की संगत गतिविधियों को बढ़ावा देना, संगठित, संचालित करना और परामर्शी सेवाएं देना ।