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सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी)

पीवी, जो एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जो धूप को सीधे विद्युत में परिवर्तित करती है, नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग की सबसे तेज उत्‍पादक भागों में से एक है। भारत सहित अनेक देशों में यह पहले से ही सुस्‍थापित है और 21वीं शताब्‍दी की प्रमुख प्रौद्योगिकियों में से एक प्रौद्योगिकी होने जा रही है। इस भाग का विकास करने वाले कुछेक कारक ये हैं:- कार्बन उत्‍सर्जन, ऊर्जा सुरक्षा और जीवश्‍म  ईंधन की बढ़ती हुई कीमतें के प्रति चिन्‍ता।

पारम्‍परिक सौर सैल सिलिकॉन से तैयार किए जाते हैं, और सामान्‍यता ये सर्वाधिक कार्यक्षम होते है। अनाकार सिलिकान अथवा गैर-सिलिकॉन सामग्री जैसे केडमियम टेल्‍युराइड से तैयार किए गए पतले फिल्‍म सौर सैल गॉण उत्‍पादन सौर सैल हैं, और समूचे प्रतिष्‍ठापनों में बृहत शेयर प्राप्‍त कर रहे है।

उच्‍च कार्यक्षम पीवी सामग्री  को डिजाइन कराने के लिए तृतीय-उत्‍पादन सौर सेलों में नई सामग्री की किस्‍मों और नेनो प्रौद्यागिकी आदि का इस्‍तेमाल किया जाता है।